
नाचने वाले भजन लिरिक्स
1. दुनिया को नचाने वाले तुझे नचा देंगे लिरिक्स
हम जैसे दीवानो से लाला तेरा पड़ा नहीं होगा पाला,
तेरे कीर्तन में हम ऐसी धूम मचा देंगे,
दुनिया को नचाने वाले तुझे नचा देंगे,
लाखो ही भक्त तुम्हारे है हम सेवक थोड़े न्यारे है,
तुम रुक नहीं पाओगे वो भाव जगा देंगे,
दुनिया को नचाने वाले तुझे नचा देंगे,
तू जिस के वस में है कान्हा,
जो हम से भी तू न माना,
उस राधे रानी को ही यहाँ बुलालेंगे,
दुनिया को नचाने वाले तुझे नचा देंगे,
जैसे राधे रानी संग में तू रास रचाये मधुवन में,
याहा वही नजारा दुनिया को दिखला देंगे,
दुनिया को नचाने वाले तुझे नचा देंगे,
तेरे कीर्तन में हम आये है ,जो सोच के मन में लाये है,
सोनू कहता है करके वही दिखा देंगे,
दुनिया को नचाने वाले तुझे नचा देंगे,
2. जब से देखा तुम्हे जाने क्या हो गया लिरिक्स
जब से देखा तुम्हे, जाने क्या हो गया,
ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥
तू दाता है तेरा पुजारी हूँ मैं,
तेरे दर का ए बाबा भिखारी हूँ मैं ।
तेरी चौखट पे दिल है मेरा खो गया,
ए मुरली वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥
जब से मुझको ए श्याम तेरी भक्ति मिली,
मेरे मुरझाए मन में हैं कालिया खिली ।
जो ना सोचा कभी था वाही हो गया,
ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥
तेरे दरबार की वाह अजब शान है,
जो भी देखे वो ही तुझपे कुर्बान है ।
तेरी भक्ति का मुझको नशा हो गया,
ए खाटू वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥
‘शर्मा’ जब तेरी झांकी का दर्शन किया,
तेरे चरणो में तन मन यह अर्पण किया ।
इक दफा तेरी नगरी में जो भी गया,
ए मुरली वाले श्याम मैं तेरा हो गया ॥
3. नैनन में श्याम समायो रोग लगाया कान्हा ने लिरिक्स
नैनन में श्याम समायो, रोग लगाया कान्हा ने,
मैं सुध भुध भूली सारी, रोग लगायो कान्हा ने,
नैनन में, नैनन में,
नैनन में श्याम समायो,रोग लगाया कान्हा ने,॥
जबसे देखि तेरी सूरत, दुनिया नजर ना आवे,
अधरंग में मेरे श्याम श्याम है, तू ही प्यास बुझावे,
नैनन में, नैनन में,
नैनन में श्याम समायो, रोग लगाया कान्हा ने,॥
तेरी अँखियाँ देख मरी मैं, तू कान्हा चित चोर,
तुम को जबसे देखा मैंने, ढूँढू मैं चहुँ और,
नैनन में, नैनन में,
नैनन में, श्याम समायो, रोग लगाया कान्हा ने,॥
कान्हा ऐसी रहमत करदो, जीवन में प्रकाश हो,
शैलेन्द्रर तुम से बतलाये, पूरी मेरी आस हो,
मेरे जीवन संग प्रकाश, चमक चंदा और तारो में,
नैनन में, नैनन में,॥
नैनन में श्याम समायो, रोग लगाया कान्हा ने,
नैनन में श्याम समायो, रोग लगाया कान्हा ने,
मैं सुध भुध भूली सारी, रोग लगायो कान्हा ने,॥
4. आ गयो सावन महिनों आ गयो भोलेनाथ रे लिरिक्स
अरे भोलेनाथ ने ध्यावें ज्यारा,
सब दुखडा-मिट जावे रे,
कैलाशा पर्वत पे थारो बैठणो,
भोलो प्यारो रे, त्रिशूलधारी रे,
डमरू वालों रे॥
अरे सावन मे तो कावडिय़ा,
कावड लेवण जावे वो,
जल तो चढावें रे, भोलानाथ ने,
भोलो प्यारो रे, त्रिशूलधारी रे,
डमरू वालों रे॥
अरे लिखें-लिखे,रणजीत महिमा,
थाकी भोलेनाथ जी,
गावे जाटोलिया, महिमा आपकी,
भोलो प्यारो रे, त्रिशूलधारी रे,
डमरू वालों रे॥
आ गयो आ गयो सावन महिनों,
आ गयो भोलेनाथ रे,
लहरा लेवें रे भोलानाथ जी,
लहरा लेवें रे भोलानाथ जी,
भोलो प्यारो रे, त्रिशूलधारी रे,
डमरू वालों रे॥
5. छम छम नाचे तेरी मोरनी मोहन लिरिक्स
छम छम नाचे तेरी मोरनी मोहन,
तुझे मोर पंख भाये सदा काला रसियां,
इस लिए मैंने मोरनी का रूप ले लियाँ
नच नच नच मेरी मोरनी तू नच,
मीठी मुरली बजाये तेरा श्याम रसिया,
तेरे रूप ने तो मेरा तन मन मोह लिया
मोरनी के रंग ढंग काहे तुम्हे भाये है,
इसी लिए पंख तूने माथे पे सजाये है,
लेके मन में उमंग आई कान्हा तेरे संग,
तेरे बिना मेरे कान्हा लागे ना जिया,
मेरे मन में समया तू ही ब्रिज रशियन,
इसीलिए मैंने मोरनी का रूप ले लिया
मोरनी दीवानी मेरी मेरे गुण गाये है
पंखो का मुकट मेरे माथे पे सजाये है,
मेरी मोरनी दीवानी सच्ची प्रेम कहानी इसके रूप ने बैरागी मेरा मन मोह लिया,
इसका दीवाना हुआ है अब कान्हा रसियां,
तेरे रूप ने तो हाय मेरा रूप मोह लिया
बड़ी भाग्यशाली भाग्ये वां हु मोरनी,
श्याम जी की सेवा मैंने पाए मन वनवारी,
मुझे भाये श्याम रंग मेरा गोरा गोरा अंग,
मुझे रंगो अपने ही रंग श्याम पिया तेरे रूप ने तो मेरा हाय मन मोह लिया,
इसीलिए मैंने मोरनी का रूप ले लिया
नच नच नच मेरी मोरनी तू नच,
मीठी मुरली बजाये तेरा श्याम रसिया,
तेरे रूप ने तो मेरा तन मन मोह लिया
छम छम नाचे तेरी मोरनी मोहन,
तुझे मोर पंख भाये सदा काला रसियां,
इस लिए मैंने मोरनी का रूप ले लियाँ